Wife Swapping: आखि‍र क्‍यों समाज में पसर रहा पत्‍नियों की ‘अदला-बदली’ का यह शर्मनाक खेल

Wife Swapping: आखि‍र क्‍यों समाज में पसर रहा पत्‍नियों की ‘अदला-बदली’ का यह शर्मनाक खेल   Image

wife-swapping यानी एक दूसरे की वाइफ के साथ एक रात या कुछ दिन बिताना। इसे wife-swapping कहते है। यह विदेशी कल्चर अब भारत में तेजी से फैलता जा रहा है। id="ram"> नवीन रांगियाल| केरल में हाल ही में आए Wife swapping के एक बहुत ही बड़े मामले ने पूरे

केरल में हाल ही में आए के एक बहुत ही बड़े मामले ने पूरे समाज को झकझौर दिया है। यहां कई व्‍हाट्सएप और टेलीग्राम पर हजारों की संख्‍या में ग्रूप की मदद से यह घि‍नौना खेल चल रहा था। इस बारे में खुलासा होने पर राज्‍य में हर किसी का सिर शर्म से झुक गया है।

चिंता की बात तो यह है कि अब सोशल मीडि‍या और इंटरनेट के जमाने में यह काम बहुत आसान हो गया है, एक दूसरे से कनेक्‍ट करना और इस काम को अंजाम देना बेहद आसान है।

आइए जानते हैं

Wife swapping
आखि‍र क्‍या होती है,
इसका इतिहास क्‍या है।


साल 2012 में भी आया था केस
बता दें कि साल 2012 में एक लेफ्टिनेंट की पत्नी ने पति और सीनियर अफसर पर सेक्सुअल और मेंटल हैरेसमेंट समेत वाइफ स्वैपिंग के गंभीर आरोप लगाए थे।

जिसके बाद 2013 में इस मामले एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी के जरिए मामले की जांच के ऑर्डर दिए थे। आरोप लगाने वाली नेवी अफसर की महिला ने केस को लेकर तत्कालीन डिफेन्स मिनिस्टर से भी मुलाकात की थी।

अब केरल में यह मामला सामने आया है, जिसमें करीब 5 हजार से ज्‍यादा लोग इसमें शामिल हैं। हालांकि हाई प्रोफाइल सोसायटी में यह बेहद आम माना जाता रहा है।

14ग्रुपों पर पुलिस की नजर
करुकाचल एसएचओ ने बताया कि शिकायत के बाद कई सोशल मीडिया ग्रुप्स को निगरानी में रखा गया है। उन्होंने कहा कि हम लगभग 14 ग्रुपों पर नजर बनाए हैं। ये ग्रुप फेसबुक, मैसेंजर और टेलीग्राम में हैं। समूह के अधिकांश सदस्य केरल के रहने वाले हैं और कुछ गोवा के मूल निवासी भी हैं। उन्होंने कहा कि कुछ ग्रुपों में 1,500 से अधिक सदस्य हैं और वे सक्रिय हैं। पुलिस की साइबर विंग ने भी जांच शुरू कर दी है।

क्या है
wife-swapping
wife-swapping यानी एक दूसरे की वाइफ के साथ एक रात या कुछ दिन बिताना। इसे wife-swapping कहते है। यह विदेशी कल्चर अब भारत में तेजी से फैलता जा रहा है। ये चलन दूसरे विश्व युद्व के बाद लोगों में छाई निराशा दूर करने के लिए शुरू हुआ था। इस खेल में एक-दूसरे की पत्नी के साथ कुछ दिन बिताने के बाद दुबारा कभी संपर्क नहीं किया जाता।

क्‍या कहती है रिपोर्ट्स
कुछ रिपोर्ट के मुताबिक अब शारीरिक सुख को लेकर समाज में सोच बदल रही है। पहले एक पत्‍नी एक संबंध की परंपरा रही है,लेकिन अब पुरुष हो या महिला अपने जीवन में कई साथ लोगों के साथ शारीरिक सुख के लिए संबंध बनाना चाहते हैं। ऐसे में वन लाइफ,

वन पार्टनर के सिद्धांत को ठेस पहुंची है।


Wife swapping
के तथ्‍य
- देश के हाई प्रोफाइल सोसायटी में दबी जुबान Wife swapping के चलन की बात स्वीकार की जाती रही है।
- कई बड़े कॉरपोरेट्स फार्म में काम करने वाले एम्प्लाई, बीपीओ और गवर्नमेंट के कुछ सेक्टर्स के बड़े अफसरों में इस तरह के चलन के आरोप लगते आए हैं।
- हालांकि, केरल में नेवी अफसर के मामले से पहले इस तरह का कोई पुख्ता एग्जाम्पल सामने नहीं आया है।
- कॉरपोरेट और कुछ दूसरे सेक्टर्स को लेकर वाइफ स्वैपिंग की काल्पनिक कहानियों पर कुछ फ़िल्में बनाई गई हैं।
- दबी जुबान यहां तक कहा जाता है कि कुछ बड़े शहरों में वाइफ स्वैपिंग से जुड़े ग्रुप भी शहरों सक्रीय हैं।
- अब सोशल मीडि‍या के जमाने में यह बहुत ही सुविधाजनक और सुरक्षि‍त हो चला है।

Wife swappingकी सच्‍चाई
- वाइफ स्वैपिंग कल्चर को पूरी तरह विदेशी माना जाता है। हालांकि इसकी शुरू होने के कोई पुख्‍ता सबूत नहीं है। लेकिन कहा जाता है कि सेकंड वर्ल्ड वॉर के बाद ये कल्चर में आया था।
- भारत में भी कुछ हाई प्रोफाइल तबकों में वाइव्स की अदला-बदली (वाइफ स्वैपिंग) के कल्चर को स्‍वीकार किया है।
- इसे भले ही भारतीय समाज में गलत समझा जाता हो, पर इसे फॉलो करने वाले इसे सेक्सुअल प्लेजर (कामुक सुख) मानते हैं।
- एक लाइफ स्टाइल पोर्टल के मुताबिक, इंडिया में अब वाइफ स्वैपिंग पार्टीज भी होने लगी हैं। जो बड़े होटलों में बेहद सीक्रेट होती हैं।
Wife swapping

क्‍या है ऐसी पार्टी के नियम?
- इसका पहला रूल पति-पत्नियों से शुरू होता है, इस पार्टी में वही कपल शामिल हो सकते हैं, जो स्वैपिंग को गलत नहीं मानते।
- ऐसा कहा जाता है कि पार्टी में पति आते तो अपनी पत्नी के साथ हैं, लेकिन वापस घर जाते हैं दूसरे की पत्नी के साथ।
- अपना पार्टनर चुनने के लिए पार्टी में एक जग या बाउल का इस्‍तेमाल होता है, जिसमें सभी पति अपनी गाड़ियों की चाभी रख देते हैं।
- इसके बाद पार्टी में मौजूद पति या पत्नियां जग से गाड़ियों की चाबी उठाती हैं और जिसके पास जिसकी चाभी आती है वो उसके साथ जाता है।
- इस पार्टी की शर्त यह भी है कि संबंध बनने के बाद ना पति किसी तरह की ग्लानि रखेगा और ना ही पत्नी।

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