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मध्यप्रदेश निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस में बड़ी बगावत, टिकट बंटवारे में पार्टी की गाइडलाइन हुई हवा

भोपाल। मध्यप्रदेश के नगरीय निकाय चुनाव के नामांकन के आखिरी दिन आज हाईवोल्टेज सियासी ड्रामा दिखाई दिया। टिकट बंटवारे से नाराज पार्टी नेताओं के इस्तीफे का एक दौर दिखाई दिया तो कहीं पार्टी में टिकट के दावेदारों ने आत्मदाह का प्रयास किया। वहीं बगावत के डर से सियासी दल अपने उम्मीदवारों की सूची भी नहीं जारी कर पाए। - Uproar after ticket distribution between BJP and Congress in Madhya Pradesh civic elections id="ram"> विकास सिंह| पुनः संशोधित शनिवार, 18 जून 2022 (18:11 IST) हमें फॉलो करें भोपाल।

  • Posted on 18th Jun, 2022 13:06 PM
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Author विकास सिंह| पुनः संशोधित शनिवार, 18 जून 2022 (18:11 IST)
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भोपाल। के नगरीय के नामांकन के आखिरी दिन आज हाईवोल्टेज सियासी ड्रामा दिखाई दिया। टिकट बंटवारे से नाराज पार्टी नेताओं के इस्तीफे का एक दौर दिखाई दिया तो कहीं पार्टी में टिकट के दावेदारों ने आत्मदाह का प्रयास किया। वहीं बगावत के डर से सियासी दल अपने उम्मीदवारों की सूची भी नहीं जारी कर पाए।



भोपाल में टिकट पर कलह और बवाल-बगावत के डर से भोपाल में भाजपा नामांकन भरने के आखिरी दिन आखिरी घंटे में अपने उम्मीदवारों के नामों की आधी-अधूरी सूची ही जारी कर पाई। राजधानी भोपाल में भाजपा 6 वार्ड से अपने महापौर उम्मीदवारों के नाम का एलान नहीं कर पाई। नामांकन खत्म होने के तय समय दोपहर 3 बजे से दो घंटे पहले जारी हुई भाजपा की सूची में वार्ड 20, 28, 29, 46, 57 और 66 पर उम्मीदवारों के नाम नहीं थे। ऐसे में माना जा रहा कि पार्टी इन सीटों पर सीधे बी फॉर्म जमा करेगी।
भोपाल में टिकट बंटवारे के बाद भोपाल में भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा भारती के बंगले के बाहर जमकर प्रदर्शन हुआ।

वहीं भोपाल में भाजपा की पार्षद उम्मीदवारों की सूची में पार्टी की परिवारवाद और उम्र के क्राइटेरिया की भी धज्जियां जमकर उड़ाई गई। चाल-चरित्र और चेहरे की राजनीति करने वाली भाजपा ने भोपाल के वार्ड 44 से दागी उम्मीदवार को भी मैदान में उतारा है। बताया जा रहा है कि भाजपा ने वार्ड 44 से जिस भूपेंद्र सिंह चौहान को मैदान में उतारा है वह एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश है। इसके साथ पर हत्या के प्रयास, लूट, अड़ीबाजी, मारपीट आदि के केस भी दर्ज है। इसके साथ पार्टी ने कुख्यात सटोरिए बाबू मस्तना की पत्नी मसर्रत को भी टिकट दिया है।
में भी टिकट बंटवारे के बाद सियासी संग्राम दिखाई देने को मिला। टिकट नहीं मिलने पर कई पूर्व पार्षदों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और निर्दलीय चुनाव मैदान में आ डटे। भोपाल में टिकट कटने के बाद कांग्रेस के पूर्व पार्षद अब्दुल शफीक खान,मुनव्वर अली,
इख्तायर अहमद ने इस्तीफा दे दिया।

देवास में आत्मदाह का प्रयास-वहीं देवास में टिकट बंटवारे को बाद भाजपा कार्यकर्ता भोजराज सिंह जादौन ने पार्टी कार्यालय में आत्मदाह करने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि भोजराज सिंह जादौह बाहरी व्यक्ति को उम्मीदवार बनाए जाने का विरोध कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने भाजपा कार्यालय में खुद पर केरोसिन डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उनको आत्मदाह करने रोका।
इंदौर वार्ड 56 से गैंगस्टर की पत्नी का टिकट बदला-वहीं इंदौर में वार्ड क्रंमाक 56 से भाजपा ने अपने घोषित प्रत्याशी को बदल दिया। पार्टी ने पहले वार्ड 56 से स्वाति काशिद को अपना उम्मीदवार बनाया था जो हिस्ट्रीशीटर युवराज उस्ताद काशिद की पत्नी थी। जिसके बाद भाजपा ने उनका टिकट काटकर गजानन गावडे को अपना उम्मीदवार बनाया। स्वाति के टिकट काटने की घोषणा खुद प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने की।

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