29 साल बाद शनि, सूर्य और बुध एक साथ, भारी पड़ सकता है इन 4 राशियों पर यह त्रिग्रही योग

29 साल बाद शनि, सूर्य और बुध एक साथ, भारी पड़ सकता है इन 4 राशियों पर यह त्रिग्रही योग   Image

Zodiac Signs Astrology: ज्योतिष विद्वानों के अनुसार 29 वर्ष के बाद शनि (Saturn), सूर्य (Sun) और बुध (Mercury) ग्रह एक साथ अर्थात एक ही राशि में एकत्रित हो रहे हैं। कहते हैं कि इससे पहले ऐसा योग वर्ष 1993 में बना था। उल्लेखनीय है कि मकर राशि में शनि ग्रह पहले से ही विराजमान है। बुध ग्रह 5 जनवरी को विराजमान हुए और अब 14 जनवरी को सूर्य ग्रह का गोचर त्रिग्रही योग (Trigrahi yog 2022) बना रहा है। कहते हैं कि इस योग का 4 राशि वाले जातकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में उन्हें सावधान हो जाना चाहिए। id="ram"> Last Updated: शनिवार, 15 जनवरी 2022 (17:51 IST) Trigrahi yog 2022 Zodiac Signs Astrology: ज्योतिष विद्वानों के अनुसार 29

Last Updated: शनिवार, 15 जनवरी 2022 (17:51 IST)
Trigrahi yog 2022
Zodiac Signs Astrology: ज्योतिष विद्वानों के अनुसार 29 वर्ष के बाद शनि (Saturn), सूर्य (Sun) और बुध (Mercury) ग्रह एक साथ अर्थात एक ही राशि में एकत्रित हो रहे हैं। कहते हैं कि इससे पहले ऐसा योग वर्ष 1993 में बना था। उल्लेखनीय है कि मकर राशि में पहले से ही विराजमान है। 5 जनवरी को विराजमान हुए और अब 14 जनवरी को का गोचर (Trigrahi yog 2022) बना रहा है। कहते हैं कि इस योग का 4 राशि वाले जातकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में उन्हें सावधान हो जाना चाहिए।


1. राशि (Taurus): वृषभ राशि वालों को सावधान रहना चाहिए क्योंकि शुक्र और सूर्य आपस में श‍त्रु ग्रह है और वृषभ राशि का स्वामी ग्रह शुक्र ही है। यह स्थिति परिवार में विवाद पैदा कर सकती है और आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। सावधान रहें क्योंकि यह त्रिग्रही गोचर आपकी राशि के नवम भाव अर्थात भाग्य भाव में बन रहा है।
2. राशि (Gemini): मिथुन राशि का स्वामी बुध ग्रह है जिसकी शनि से कम ही बनती है। हालांकि सूर्य से उसकी पटरी बैठ सकती है परंतु यह त्रिग्रही स्थिति आपकी राशि के अष्‍टम भाव में बन रही है जो कि आपको आर्थिक और शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचा सकती है। दांपत्य जीवन में भी उथल पुथल मचा सकती है।
3. कन्या राशि (Virgo): आपकी राशि का स्वामी भी बुध है। आपकी राशि के पंचम भाव में तीनों ग्रहों का योग बन रहा है जो कि शिक्षा, संतान और रोमांस का भाव है। हालांकि इस गोचर के कारण आपको घटना और दुर्घटना से बचकर रहना होगा। संतान सुख में कमी आ सकती है। माता पिता की सेहत का भी ध्यान रखना होगा।

4. धनु राशि (Sagittarius): आपकी राशि का स्वामी ग्रह बृहस्पति अर्थात गुरु है जिसकी शनि से मित्रता नहीं है। ‍यह त्रिग्रही गोचर आपकी राशि के द्वितीय भाव में बन रहा है। यह धन, सुख और परिवार पर प्रतिकूल असर डालेगा। गृहकलह से मानसिक शांति भंग कर सकता है।

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