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Maharashtra Political Crisis : शिवसेना के बागी गुट के 37 विधायकों ने एकनाथ शिंदे को नेता मानते हुए डिप्टी स्पीकर को लिखा पत्र

मुंबई। Maharashtra Political Crisis : महाराष्ट्र में सियासी संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। असम के गुवाहाटी में डेरा डाले शिवसेना के 37 बागी विधायकों ने गुरुवार को महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष नरहरि जिरवाल को पत्र भेजा। इसमें कहा गया कि एकनाथ शिंदे सदन में उनके नेता रहेंगे। - signatures of 37 Shiv Sena MLAs and a copy of the letter has been sent to Deputy Speaker id="ram"> पुनः संशोधित शुक्रवार, 24 जून 2022 (01:06 IST) हमें फॉलो करें मुंबई। Maharashtra Political Crisis :

  • Posted on 23rd Jun, 2022 22:21 PM
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पुनः संशोधित शुक्रवार, 24 जून 2022 (01:06 IST)
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मुंबई। : महाराष्ट्र में सियासी संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। असम के गुवाहाटी में डेरा डाले शिवसेना के 37 बागी विधायकों ने गुरुवार को महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष नरहरि जिरवाल को पत्र भेजा। इसमें कहा गया कि एकनाथ शिंदे सदन में उनके नेता रहेंगे।

हालांकि, इससे पहले दिन में नरहरि जिरवाल ने कहा था कि उन्होंने बागी विधायक एकनाथ शिंदे की जगह अजय चौधरी को सदन में शिवसेना का विधायक दल का नेता नियुक्त किये जाने को मंजूरी दे दी है। शिंदे ने गुरुवारशाम को विधानसभा उपाध्यक्ष को शिवसेना के 37 विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र भेजा।
शिवसेना के ये सभी बागी विधायक शिंदे के साथ गुवाहाटी के एक होटल में डेरा डाले हुए हैं। पत्र में यह भी सूचित किया गया कि सुनील प्रभु के स्थान पर शिवसेना विधायक भरत गोगावले को विधायक दल का मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया है।
इस बीच शिंदे ने प्रभु द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल नहीं होने के लिए अपने गुट के विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वालों पर भी पलटवार करते हुए दावा किया कि व्हिप केवल विधायी कार्यों के लिए लागू होता है। शिंदे ने ट्वीट किया कि आप किसे धमकी देने की कोशिश कर रहे हैं? हम आपकी चालबाजियों को जानते हैं और कानून को भी समझते हैं।
संविधान की 10वीं अनुसूची के अनुसार, व्हिप विधायी कार्यों के लिए लागू होता है न कि किसी बैठक के लिए। उन्होंने कहा कि हम इसके बजाय आपके खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हैं क्योंकि आपके पास (विधायकों की) पर्याप्त संख्या नहीं है, लेकिन फिर भी आपने 12 विधायकों का एक समूह बनाया है। हमें इस तरह की धमकियों से फर्क नहीं पड़ता।
बागियों पर कार्रवाई के लिए पत्र : इससे पहले शिवसेना के नवनियुक्त विधायक दल के नेता अजय चौधरी ने महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष को पत्र लिखकर उन विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है जो विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं हुए थे। उन विधायकों की सदस्यता को रद्द करने की मांग की गई।

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