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मां पीतांबरा के प्राकट्य उत्सव से जग के कोने कोने में पहुंची मां की महिमा

मध्यप्रदेश की जनता गृहमंत्री डा नरोत्तम मिश्रा को एक सफल राजनेता के रूप में तो कई दशकों से जानती हैं परंतु उनके स्वयं के लिए धर्म और अध्यात्म हमेशा राजनीति से ऊपर रहे हैं। अध्यात्म में उनकी अटूट आस्था है ‌‌।उनकी रोजाना की दिनचर्या पूजा अर्चना से ही प्रारंभ होती है। अपने यशस्वी जीवन में उन्होंने जो उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं उन्हें वे मां पीतांबरा का आशीर्वाद मानते हैं। विगत दिनो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की परिकल्पना के अनरूप दतिया में मां पीतांबरा की भव्य रथ यात्रा और दतिया गौरव दिवस के ऐतिहासिक आयोजन की सफलता के पश्चात डा नरोत्तम मिश्र के मुखमंडल पर अपूर्व संतोष ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌के जो भाव दिखाई दे रहे थे वह उनके जीवन की सबसे बड़ी साध पूरी होने के परिचायक थे। दतिया में इससे पहले इतने बड़े पैमाने पर ऐसा कोई धार्मिक आयोजन संपन्न नहीं हुआ जिसमें लाखों श्रद्धालुओं ने संपूर्ण आस्था के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर खुद को धन्य महसूस किया हो। - Rath Yatra of Maa Pitambara increased the stature of DR Narottam Mishra id="ram"> कृष्णमोहन झा| Last Updated: सोमवार, 9 मई 2022 (14:37 IST) मध्यप्रदेश की जनता गृहमंत्री डा

  • Posted on 09th May, 2022 09:30 AM
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मां पीतांबरा के प्राकट्य उत्सव से जग के कोने कोने में पहुंची मां की महिमा   Image
Author कृष्णमोहन झा| Last Updated: सोमवार, 9 मई 2022 (14:37 IST)
मध्यप्रदेश की जनता गृहमंत्री डा नरोत्तम मिश्रा को एक सफल राजनेता के रूप में तो कई दशकों से जानती हैं परंतु उनके स्वयं के लिए धर्म और अध्यात्म हमेशा राजनीति से ऊपर रहे हैं। अध्यात्म में उनकी अटूट आस्था है ‌‌।उनकी रोजाना की दिनचर्या पूजा अर्चना से ही प्रारंभ होती है। अपने यशस्वी जीवन में उन्होंने जो उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं उन्हें वे मां पीतांबरा का आशीर्वाद मानते हैं। विगत दिनो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की परिकल्पना के अनरूप दतिया में मां पीतांबरा की भव्य रथ यात्रा और दतिया गौरव दिवस के ऐतिहासिक आयोजन की सफलता के पश्चात डा के मुखमंडल पर अपूर्व संतोष ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌के जो भाव दिखाई दे रहे थे वह उनके जीवन की सबसे बड़ी साध पूरी होने के परिचायक थे। दतिया में इससे पहले इतने बड़े पैमाने पर ऐसा कोई

धार्मिक आयोजन संपन्न नहीं हुआ
जिसमें लाखों श्रद्धालुओं ने संपूर्ण आस्था के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर खुद को धन्य महसूस किया हो।

मां पीतांबरा के प्राकट्य दिवस को इस वर्ष से पूर्ण हर्षोल्लास के साथ दतिया गौरव दिवस के रूप में मनाने की परिकल्पना मां पीतांबरा के अनन्य भक्त और गृहमंत्री डा नरोत्तम मिश्र की थी ,जिसे साकार करने के लिए वे गत दो माह से प्राणपण से जुटे हुए थे। जगन्नाथ पुरी में प्रतिवर्ष निकाली जाने वाली रथयात्रा के अनुरूप ही मां पीतांबरा की रथयात्रा की भव्यता सुनिश्चित करने के लिए गृहमंत्री स्वयं ही सारी तैयारियों का जायजा ले रहे थे।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अभूतपूर्व आयोजन के लिए डा नरोत्तम मिश्र कै उल्लेखनीय योगदान की सराहना करते जो उदगार व्यक्त किए उनसे यह अनुमान लगाना कठिन नहीं था वे डा नरोत्तम मिश्र की पहल पर संपन्न मां पीतांबरा की भव्य रथयात्रा के ऐतिहासिक आयोजन के संपूर्ण श्रेय का हकदार गृहमंत्री को मानते हैं।


1935 में‌ दतिया में पूज्य स्वामीजी महाराज के द्वारा पीतांबरा पीठ की स्थापना के पश्चात पहली बार आयोजित इस ऐतिहासिक रथयात्रा की भव्यता से मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भी अभिभूत हुए बिना नहीं रह सके । इस रथयात्रा की सफलता का पूरा श्रेय गृहमंत्री डा नरोत्तम मिश्र को देते हुए मुख्यमंत्री ने उनकी भूरि भूरि प्रशंसा की । मुख्यमंत्री ने कहा कि दतिया ने इतिहास रच दिया है। यहां एक शानदार परंपरा का शुभारंभ हुआ है ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह गृहमंत्री नरोत्तम मिश्र की पहल पर दतिया गौरव दिवस समारोह
मनाया जा रहा है उसी के अनुरूप प्रदेश के हर गांव और शहर में गौरव दिवस समारोहों का आयोजन किया जायेगा| इस गरिमा मय आयोजन में भाग लेने के लिए मां पीतांबरा पीठ ट्रस्ट की अध्यक्ष और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया भी विशेष रूप से दतिया पहुंची और मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्र के साथ उन्होंने भी रेशम की
रस्सी से रथ खींचकर मां पीतांबरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
इस अनूठी रथयात्रा यात्रा के लिए विशेष रूप से दो रथों का निर्माण किया गया था। एक रथ में मां पीतांबरा विराजमान थीं और दूसरे रथ में पूज्य स्वामीजी महाराज की प्रतिमा को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रखा गया था।
राजस्थान के पालना में लगभग 17 लाख रुपए की लागत से तैयार किए गए रथ में विशेष रूप से चांदी और पीतल का उपयोग किया गया था।
रथ यात्रा में शामिल हुआ प्रत्येक श्रद्धालु
दोनों रथों की
पावन रस्सी को स्पर्श कर मां पीतांबरा और पूज्य स्वामीजी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए व्याकुल था ।मां पीतांबरा की रथ यात्रा में शामिल हुए सभी श्रद्धालु पीले वस्त्र धारण किए हुए थे।

मां पीतांबरा प्राकट्य दिवस के पुनीत अवसर पर सारा दतिया पीले रंग में रंगा हुआ था ।इसी अवस्था पर मां पीतांबरा पीठ में असंख्य दीप प्रज्जवलित किए गए जिनकी मनमोहक छटा देखते ही बन रही थी। दतिया गौरव दिवस समारोह का हिस्सा बनने के लिए लोग इतने लालायित थे कि हर तरफ लाखों का जनसैलाब नजर आ रहा था। मां पीतांबरा की भव्य रथयात्रा की चर्चा अब मध्यप्रदेश के बाहर भी हो रही है और दूसरे राज्यों के भी श्रद्धालु दतिया आकर मां पीतांबरा पीठ के दर्शन का पुण्य लाभ अर्जित करने के लिए उत्सुक हैं। विगत दिनों उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी दतिया
पहुंच कर मां पीतांबरा का आशीर्वाद प्राप्त किया। यह सिलसिला अब निरंतर जारी है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दतिया गौरव दिवस समारोह में अपने संबोधन भी
कहा था कि आज का दतिया दुनिया के मानचित्र पर अपना विशिष्ट स्थान बनाने में समर्थ है। मुख्यमंत्री ने दतिया के सुनियोजित विकास की सराहना करते हुए कहा था कि
इसका श्रेय डा नरोत्तम मिश्र को जाता है जिन्होंने रथयात्रा को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान करने की सारी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ‌‌‌‌ओढ
रखी थी । निःसंदेह उन्होंने इतिहास रच दिया है।

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने मां पीतांबरा की भव्य रथयात्रा और दतिया गौरव दिवस समारोह के ऐतिहासिक आयोजन के जिस तरह गृहमंत्री नरोत्तम मिश्र की भूरि भूरि प्रशंसा की उससे प्रफुल्लित हुए श्रद्धालुओं की यह आम राय थी कि निःसंदेह गृहमंत्री नरोत्तम मिश्र इस तारीफ के पूरे हकदार हैं। ऐतिहासिक रथ यात्रा का साक्षो बना हर दतियावासी जुबान पर एक ही बात थी कि उन्होंने अगर डा नरोत्तम मिश्र को अपना प्रतिनिधि नहीं चुना होता तो दतिया में मां पीतांबरा की ऐतिहासिक रथयात्रा और दतिया गौरव दिवस जैसे अनूठे समारोहों के आयोजन की कल्पना भी असंभव थी।

डा नरोत्तम मिश्र के नेतृत्व में में दतिया का जो चहुंमुखी विकास हुआ है वह प्रदेश के दूसरे जिलों के लिए अनुकरणीय उदाहरण बन चुका है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने उद्बोधन में दतिया की जनता को यह विश्वास दिलाया था कि मां पीतांबरा की रथयात्रा के समान ही दतिया के विकास का रथ भी निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।
राज्य विधानसभा में दतिया के प्रतिनिधि और लोकप्रिय गृहमंत्री इसे अपना सौभाग्य मानते हैं कि दतिया की जनता के भरपूर प्यार ने उन्हें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की टीम का महत्व पूर्ण सदस्य बनने ‌‌‌‌‌‌का सुअवसर प्रदान किया परंतु वे अपनी सारी उपलब्धियों को पीतांबरा के श्री चरणों में समर्पित करते हुये विनम्र भाव से कहते हैं कि यह सब केवल मां पीतांबरा के आशीर्वाद का सुफल है।

श्री मिश्रा ने दतिया जिले के सर्वांगीण विकास का श्रेय प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को देते हुये कहा कि जिस जिले में सही ढंग का जिला चिकित्सालय नहीं था वहां आज मेडिकल कालेज है, इस मेडिकल कालेज में ग्वालियर चंबल और सागर संभाग के लोग अपना इलाज करवाने आते है|कोरोना काल मे यह मेडिकल कालेज लोगो के लिये अत्यंत उपयोगी साबित हुआ| हाल ही मुख्यमंत्री जी ने हमारे जिले को पुलिस स्कूल की सौगात दिया,वेटनिरी कालेज,फिशरीज कालेज बना कर एजुकेशन हब बना दिया| हमने जब भी दतिया के विकास के लिये मांग रखी माननीय मुख्यमंत्री ने उसे तत्काल पूरा किया है ,आज इस ऐतिहासिक अवसर पर दतिया जिले के नागरिकों की तरफ से मैं माननीय मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करता हूँ, और भविष्य में भी इसी तरह के सहयोग की अपेक्षा रखता हूँ|मुख्यमंत्री ने भी दतिया के विकास के लिये हर संभव मदद की घोषणा की साथ ही दतिया के आमनागरिको के प्रति इस आयोजन को भव्य बनाने के लिये आभार प्रगट किया|
(आलेख में व्‍यक्‍त विचार लेखक के निजी अनुभव हैं,वेबदुनिया से इसका कोई संबंध नहीं है।)

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