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भावुक हुए पीएम मोदी, अयूब पटेल से किया वादा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भरूच में उत्कर्ष समारोह को संबोधित किया। कार्यक्रम में पीएम मोदी भावुक हो गए और उन्होंने एक लाभार्थी को अपनी बेटी के डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने में मदद करने का वादा किया। - PM Modi promise to Ayub Khan id="ram"> Last Updated: गुरुवार, 12 मई 2022 (13:11 IST) नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने

  • Posted on 12th May, 2022 21:55 PM
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Last Updated: गुरुवार, 12 मई 2022 (13:11 IST)
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भरूच में उत्कर्ष समारोह को संबोधित किया। कार्यक्रम में पीएम मोदी भावुक हो गए और उन्होंने एक लाभार्थी को अपनी बेटी के डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने में मदद करने का वादा किया।


पीएम मोदी से बात करते हुए अयूब पटेल नाम के एक व्यक्ति ने अपनी बेटी के डॉक्टर बनने के सपने के बारे में बताया। इस दौरान पीएम मोदी ने मदद की पेशकश की। उन्होंने कहा कि अपनी बेटियों के सपने को पूरा करने के लिए अगर आपको किसी मदद की जरूरत हो तो मुझे बताएं।

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’उत्कर्ष समारोह’ कार्यक्रम के दौरान में सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों में से एक अयूब पटेल जी से बात करते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी पटेल जी की बेटी के डॉक्टर बनने के सपने के बारे में सुनकर भावुक हो गए। यह प्रधानमंत्री जी की देशवासियों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। - Nitin Gadkari (@nitin.gadkari) 12 May 2022
उन्होंने कहा कि ये उत्कर्ष समारोह इस बात का प्रमाण है कि जब सरकार ईमानदारी से, एक संकल्प लेकर लाभार्थी तक पहुंचती है, तो कितने सार्थक परिणाम मिलते हैं। मैं भरूच जिला प्रशासन को, गुजरात सरकार को सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी 4 योजनाओं के शत-प्रतिशत सैचुरेशन के लिए बधाई देता हूं।
पीएम ने कहा कि अक्सर जानकारी के अभाव में अनेक लोग योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं। कभी-कभी योजनाओं कागज पर रह जाती हैं। लेकिन जब इरादा साफ हो, नीति साफ हो, नेकी से काम करने का इरादा हो, सबका साथ-सबका विकास की भावना हो, तो इससे नतीजे भी मिलते हैं।

दिल्ली से देश की सेवा करते हुए मुझे 8 साल पूरे हो रहे हैं। ये 8 वर्ष सेवा सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित रहे। आज जो कुछ भी मैं कर पा रहा हूं, वो मैंने आपके बीच ही सीखा है।
उन्होंने कहा कि 2014 में जब आपने हमें सेवा का मौका दिया था तो देश की करीब-करीब आधी आबादी शौचालय की सुविधा से, टीकाकरण की सुविधा से, बिजली कनेक्शन की सुविधा से, बैंक अकाउंट की सुविधा से वंचित थी। सभी के प्रयासों से अनेक योजनाओं को शत प्रतिशत सैचुरेशन के करीब ला पाए हैं।

देश ने संकल्प लिया है शत प्रतिशत लाभार्थियों तक पहुंचने का। जब शत प्रतिशत पहुंचते हैं तब सबसे पहला मनोवैज्ञानिक परिवर्तन आता है वो बहुत महत्वपूर्ण है। उसमें देश का नागरिक याचक की अवस्था से बाहर निकल जाता है।

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