Home / Articles / Sri Lanka Crisis: श्रीलंका में संकट के बीच राष्ट्रपति गोटबाया का देश के नाम संबोधन, कहा - एक हफ्ते में होगा नए प्रधानमंत्री का चुनाव

Sri Lanka Crisis: श्रीलंका में संकट के बीच राष्ट्रपति गोटबाया का देश के नाम संबोधन, कहा - एक हफ्ते में होगा नए प्रधानमंत्री का चुनाव

कोलंबो। संकट में घिरे श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने बुधवार को कहा कि वह इसी हफ्ते नए प्रधानमंत्री एवं मंत्रिमंडल की नियुक्ति करेंगे, जो संवैधानिक सुधार पेश करेगा। देश में गंभीर आर्थिक संकट के चलते सरकार के विरुद्ध व्यापक प्रदर्शन हो रहे हैं। - New Prime Minister will be appointed in Sri Lanka this week id="ram"> Last Updated: बुधवार, 11 मई 2022 (23:28 IST) कोलंबो। संकट में घिरे श्रीलंका के राष्ट्रपति

  • Posted on 12th May, 2022 22:35 PM
  • 1150 Views
Sri Lanka Crisis: श्रीलंका में संकट के बीच राष्ट्रपति गोटबाया का देश के नाम संबोधन, कहा - एक हफ्ते में होगा नए प्रधानमंत्री का चुनाव   Image
Last Updated: बुधवार, 11 मई 2022 (23:28 IST)
कोलंबो। संकट में घिरे श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने बुधवार को कहा कि वह इसी हफ्ते नए प्रधानमंत्री एवं मंत्रिमंडल की नियुक्ति करेंगे, जो संवैधानिक सुधार पेश करेगा। देश में गंभीर आर्थिक संकट के चलते सरकार के विरुद्ध व्यापक प्रदर्शन हो रहे हैं।

राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में गोटबाया ने यह भी कहा कि नए प्रधानमंत्री एवं सरकार को नियुक्त करने के बाद संविधान में 19वें संशोधन की सामग्री तैयार करने के लिए एक संवैधानिक संशोधन पेश किया जाएगा, जो संसद को और शक्तियां प्रदान करेगा।

गोटबाया ने कहा कि मैं युवा मंत्रिमंडल नियुक्त करूंगा जिसमें राजपक्षे परिवार का कोई सदस्य नहीं होगा। उन्होंने देश को अराजक स्थिति में पहुंचने से रोकने के लिए राजनीतिक दलों के साथ चर्चा शुरू कर दी है। राष्ट्रपति ने कहा कि नई सरकार के प्रधानमंत्री को नया कार्यक्रम पेश करने एवं देश को आगे ले जाने का मौका दिया जाएगा।
राष्ट्रपति के बड़े भाई और प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के इस्तीफा देने के बाद पिछले 2 दिनों से देश में कोई सरकार नहीं है। उनके इस्तीफे के बाद अंतरिम सरकार का मार्ग प्रशस्त हो गया है। संवैधानिक रूप से राष्ट्रपति बिना मंत्रिमंडल के ही देश को चलाने के लिए अधिकार प्राप्त हैं।

इस सप्ताह के प्रारंभ में हुई हिंसा का जिक्र करते हुए गोटबाया ने कहा कि नौ मई को जो कुछ हुआ, वह दुर्भाग्यपूर्ण था। उन्होंने कहा कि हत्याओं, हमले, धौंसपट्टी, संपत्ति को नष्ट करना और उसके बाद के जघन्य कृत्यों को बिल्कुल ही सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिरीक्षक को जांच करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि श्रीलंका पुलिस एवं सैन्यबल को हिंसा फैलाने वालों के विरूद्ध कड़ाई से कानून लागू करने का आदेश दिया गया है।

Latest Web Story

Latest 20 Post