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मुक्तेश्वर हिल स्टेशन, कभी भी जाएं मौसम सुहाना ही मिलेगा

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  • Posted on 04th Sep, 2021 10:36 AM
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हिल स्टेशन को मनोरम पहाड़ी इलाका कहते हैं। भारत में पहाड़ियों की विशालतम, लंबी, सुंदर और अद्भुत श्रृंखलाएं हैं। एक और जहां विध्यांचल, सतपुड़ा की पहाड़ियां है, तो दूसरी ओर आरावली की पहाड़ियां। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक भारत में एक से एक शानदार पहाड़ हैं, पहाड़ों की श्रृंखलाएं हैं और सुंदर एवं मनोरम घाटियां हैं। आओ जानते हैं भारत के टॉप हिल स्टेशनों में से एक मुक्तेश्वर हिल स्टेशन के बारे में रोचक जानकारी। id="ram"> अनिरुद्ध जोशी| पुनः संशोधित बुधवार, 26 मई 2021 (14:55 IST) सांकेतिक चित्र हिल

अनिरुद्ध जोशी| पुनः संशोधित बुधवार, 26 मई 2021 (14:55 IST)
सांकेतिक चित्र
हिल स्टेशन को मनोरम पहाड़ी इलाका कहते हैं। भारत में पहाड़ियों की विशालतम, लंबी, सुंदर और अद्भुत श्रृंखलाएं हैं। एक और जहां विध्यांचल, सतपुड़ा की पहाड़ियां है, तो दूसरी ओर आरावली की पहाड़ियां। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक भारत में एक से एक शानदार पहाड़ हैं, पहाड़ों की श्रृंखलाएं हैं और सुंदर एवं मनोरम घाटियां हैं। आओ जानते हैं भारत के टॉप हिल स्टेशनों में से एक मुक्तेश्वर हिल स्टेशन के बारे में रोचक जानकारी।

मुक्तेश्वर हिल स्टेशन टेम्पल ( Mukteshwar hill station ):

1. कुमाऊं की पहाड़ियों में बसा मुक्तेश्वर उत्तराखंड का एक खूबसूरत हिल स्टेशन है जो दिल्ली से करीब 350 किलोमीटर की दूरी पर और नैनिताल से करीब 48 किलोमीटर दूर स्थित है। करीबी रेलवे स्टेशन काठगोदाम और करीबी हवाई अड्डा पंतनगर में है। यहां से टैक्सी से आसानी से पहुंचा जा सकता है।

2. मुक्तेश्वर प्रसिद्ध है यहां के महादेव मंदिर के लिए भी। यहां भगवान शिव का प्रसिद्ध मंदिर है जो एक पहाड़ी पर स्थित है। यहां भगवान शिव के साथ ब्रह्मा, विष्णु, पार्वती, हनुमान और नंदी जी भी विराजमान हैं। मंदिर के बाहर बंदरों को काफी संख्या में देखा जा सकता है।
3. प्रकृति और पहाड़ों की गोद में बसा मुक्तेश्वर में हर समय सुहाना या कहें की रूमानी मौसम रहता है। यहां मार्च से जून के बीच या फिर अक्टूबर से नवंबर के बीच जाने ज्यादा अच्छा रहेगा।

4. यहां पर हिमालय का नजारा, जंगल और हरे-भरे वृक्षों से लदा पहाड़, रसीले फलों से लदे पेड़, चीड़ और देवदार के घने पेड़, रंग-बिरंगे फूल देखकर आप रोमांचित हो जाएंगे।

5. यहां हर समय ठंडी बहार चलती रहती है। जहां जाएंगे वहां ऐसा लगेगा मानो प्रकृति अपनी गोद में बिठाकर लोरी सुनाने को आतुर हो।
6. अगर मौसम साफ हो तो मुक्तेश्वर से दूर स्थित हिमालय की पर्वत चोटियों के पाछे से उगते सूरज का सुंदर नजारा देखा जा सकता है और नीलकंठ, नंदादेवी और त्रिशूल आदि पर्वतश्रेणियां को भी देखा जा सकता है।

7. चौली की जाली एक प्रसिद्ध स्थान है जिसे चौथी की जाली भी कहते हैं। ये जगह मुक्तेश्वर मंदिर के साथ ही है। ऐसी मान्यता है कि यहां पर देवी और राक्षस के बीच युद्ध हुआ था। ये एक पहाड़ की चोटी है जिसकी सबसे ऊपर वाली चट्टान पर एक गोल छेद है। कहा जाता है कि अगर कोई निःसंतान स्त्री इस छेद में से निकल जाए तो उसे संतान की प्राप्ति होती है। पहाड़ की चोटी से घाटी का सुंदर नजारा देखना अद्भुत है।
8. मुक्तेश्वर के आस-पास देखने के लिए बहुत सारी जगहे हैं। यहां से अल्मोड़ा, बिन्सर और नैनीताल पास ही में हैं। अगर चाहें तो मुक्तेश्वर जाते समयया मुक्तेश्वर से लौटते समय भीमताल पर बोटिंग का आनंद ले सकते हैं।

9. मुक्तेश्वर में सूखी आलू की सब्जी और प्याज के पकौड़े प्रसिद्ध है। प्याज के पकौड़े चटनी के साथ और आलू की चटपटी सूखी सब्जी ऐसे ही खाई जाती है। यदि आप इसके साथ रोटी खाना चाहे तो वह भी मिल जाएगी।
10. चूंकि मुक्तेश्वर एक छोटा-सा हिल स्टेशन है इसलिए यहां रहने और खाने के थोड़े बहुत विकल्प मिल ही जाएंगे परंतु आप पहले से ही रहने की व्यस्था करके ही यहां जाएंगे तो बेहतर होगा।

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