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20 जून 2022, सोमवार के शुभ मुहूर्त

शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022 संवत्सर नाम-राक्षस अयन-उत्तरायण मास-आषाढ़ पक्ष-कृष्ण ऋतु-ग्रीष्म वार-सोमवार तिथि (सूर्योदयकालीन)-सप्तमी नक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-पूर्वाभाद्रपद योग (सूर्योदयकालीन)-प्रीति करण (सूर्योदयकालीन)-विष्टि लग्न (सूर्योदयकालीन)-मिथुन शुभ समय- 6:00 से 7:30 तक, 9:00 से 10:30 तक, 3:31 से 6:41 तक राहुकाल-प्रात: 7:30 से 9:00 बजे तक दिशा शूल-आग्नेय योगिनी वास-वायव्य गुरु तारा-उदित शुक्र तारा-उदित चंद्र स्थिति-मीन व्रत/मुहूर्त-जातकर्म/नामकरण/अन्नप्राशन/वाहन क्रय यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें। आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:। आज का उपाय-विप्र को स्फ़टिक की माला भेंट करें। वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं। - Muhurat 20 June 2022 id="ram"> पं. हेमन्त रिछारिया| हमें फॉलो करें आज आपका दिन मंगलमयी रहे, यही शुभकामना

  • Posted on 19th Jun, 2022 13:06 PM
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20 जून 2022, सोमवार के शुभ मुहूर्त   Image
आज आपका दिन मंगलमयी रहे, यही शुभकामना है। 'वेबदुनिया' प्रस्तुत कर रही है खास आपके लिए आज के दिन के विशिष्ट मुहूर्त। अगर आप आज वाहन खरीदने का विचार कर रहे हैं या आज कोई नया व्यापार आरंभ करने जा रहे हैं तो आज के शुभ मुहूर्त में ही कार्य करें ताकि आपके कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सकें। ज्योतिष एवं धर्म की दृष्टि से इन मुहूर्तों का विशेष महत्व है। मुहूर्त और चौघड़िए के आधार पर 'वेबदुनिया' आपके लिए प्रतिदिन के खास मुहूर्त की सौगात लेकर आई है।

प्रस्तुत हैं आज के मुहूर्त

शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
संवत्सर नाम-राक्षस
अयन-उत्तरायण
मास-आषाढ़
पक्ष-कृष्ण
ऋतु-ग्रीष्म
वार-सोमवार
तिथि (सूर्योदयकालीन)-सप्तमी
नक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-पूर्वाभाद्रपद
योग (सूर्योदयकालीन)-प्रीति
करण (सूर्योदयकालीन)-विष्टि
लग्न (सूर्योदयकालीन)-मिथुन
शुभ समय- 6:00 से 7:30 तक, 9:00 से 10:30 तक, 3:31 से 6:41 तक
राहुकाल-प्रात: 7:30 से 9:00 बजे तक

दिशा शूल-आग्नेय
योगिनी वास-वायव्य
गुरु तारा-उदित
शुक्र तारा-उदित
चंद्र स्थिति-मीन
व्रत/मुहूर्त-जातकर्म/नामकरण/अन्नप्राशन/वाहन क्रय
यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।
आज का उपाय-विप्र को स्फ़टिक की माला भेंट करें।
वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।

(निवेदन-उपर्युक्त विवरण पंचांग आधारित है पंचांग भेद होने पर तिथि/मुहूर्त/समय में परिवर्तन होना संभव है।)

-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
सम्पर्क: [email protected]

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