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11 मई 2022, बुधवार के शुभ मुहूर्त

शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022 संवत्सर नाम-राक्षस अयन-उत्तरायण मास-वैशाख पक्ष-शुक्ल ऋतु-ग्रीष्म वार-बुधवार तिथि (सूर्योदयकालीन)-दशमी नक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-पूर्वाफाल्गुनी योग (सूर्योदयकालीन)-व्याघात करण (सूर्योदयकालीन)-तैतिल लग्न (सूर्योदयकालीन)-मेष शुभ समय- 6:00 से 9:11, 5:00 से 6:30 तक राहुकाल- दोप. 12:00 से 1:30 बजे तक दिशा शूल-ईशान योगिनी वास-उत्तर गुरु तारा-उदित शुक्र तारा-उदित चंद्र स्थिति-कन्या व्रत/मुहूर्त-जातकर्म/नामकरण/अन्नप्राशन यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें। आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:। आज का उपाय-गणेशजी को मोदक चढाएं। वनस्पति तंत्र उपाय- अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं। - Muhurat 11 May 2022 id="ram"> पं. हेमन्त रिछारिया| आज आपका दिन मंगलमयी रहे, यही शुभकामना है।

  • Posted on 10th May, 2022 13:10 PM
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आज आपका दिन मंगलमयी रहे, यही शुभकामना है। 'वेबदुनिया' प्रस्तुत कर रही है खास आपके लिए आज के दिन के विशिष्ट मुहूर्त। अगर आप आज वाहन खरीदने का विचार कर रहे हैं या आज कोई नया व्यापार आरंभ करने जा रहे हैं तो आज के शुभ मुहूर्त में ही कार्य करें ताकि आपके कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सकें। ज्योतिष एवं धर्म की दृष्टि से इन मुहूर्तों का विशेष महत्व है। मुहूर्त और चौघड़िए के आधार पर 'वेबदुनिया' आपके लिए प्रतिदिन के खास मुहूर्त की सौगात लेकर आई है।

प्रस्तुत हैं आज के मुहूर्त

शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
संवत्सर नाम-राक्षस
अयन-उत्तरायण
मास-वैशाख
पक्ष-शुक्ल
ऋतु-ग्रीष्म
वार-बुधवार
तिथि (सूर्योदयकालीन)-दशमी
नक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-पूर्वाफाल्गुनी
योग (सूर्योदयकालीन)-व्याघात
करण (सूर्योदयकालीन)-तैतिल
लग्न (सूर्योदयकालीन)-मेष
शुभ समय- 6:00 से 9:11, 5:00 से 6:30 तक
राहुकाल- दोप. 12:00 से 1:30 बजे तक
दिशा शूल-ईशान
योगिनी वास-उत्तर
गुरु तारा-उदित
शुक्र तारा-उदित
चंद्र स्थिति-कन्या
व्रत/मुहूर्त-जातकर्म/नामकरण/अन्नप्राशन
यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
आज का उपाय-गणेशजी को मोदक चढाएं।
वनस्पति तंत्र उपाय- अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
(निवेदन-उपर्युक्त विवरण पंचांग आधारित है पंचांग भेद होने पर तिथि/मुहूर्त/समय में परिवर्तन होना संभव है।)

-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
सम्पर्क: [email protected]

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