Home / Articles / Maharashtra Crisis : मुखपत्र 'सामना' के जरिए शिंदे कैंप पर बरसी शिवसेना, बागियों को कहा 'नचनिया'

Maharashtra Crisis : मुखपत्र 'सामना' के जरिए शिंदे कैंप पर बरसी शिवसेना, बागियों को कहा 'नचनिया'

Maharashtra Crisis : मुखपत्र 'सामना' के जरिए शिंदे कैंप पर बरसी शिवसेना, बागियों को कहा 'नचनिया'   Image
  • Posted on 27th Jun, 2022 05:36 AM
  • 1315 Views

Maharashtra Crisis : महाराष्ट्र का सियासी संग्राम सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। इस बीच नेताओं के बीच जुबानी जंग भी जारी है। शिवसेना बागी विधायकों पर तीखे और निजी हमले करने में लगी हुई है और पार्टी के सांसद और प्रवक्ता संजय राउत लगातार बयान दे रहे हैं। इस बीच पार्टी ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए बागियों पर एक बार फिर हमला किया है। सामना के संपादक संजय राउत ही हैं। - maharashtra crisis through mouthpiece saamana shiv sena attacked on shinde camp called rebels nachaniya id="ram"> पुनः संशोधित सोमवार, 27 जून 2022 (10:47 IST) हमें फॉलो करें Maharashtra Crisis : महाराष्ट्र का

पुनः संशोधित सोमवार, 27 जून 2022 (10:47 IST)
हमें फॉलो करें
Crisis : का सियासी संग्राम सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। इस बीच नेताओं के बीच जुबानी जंग भी जारी है। शिवसेना बागी विधायकों पर तीखे और निजी हमले करने में लगी हुई है और पार्टी के सांसद और प्रवक्ता लगातार बयान दे रहे हैं। इस बीच पार्टी ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए बागियों पर एक बार फिर हमला किया है। सामना के संपादक संजय राउत ही हैं।
ALSO READ:

: महाराष्ट्र के सियासी संग्राम में दाऊद की इंट्री, शिंदे बोले- मौत का डर नहीं...
सामना में कहा गया है कि महाराष्ट्र के सियासी लोकनाट्य में केंद्र की डफली, तंबूरे वाले कूद पड़े हैं और राज्य के 'नचनिये' विधायक उनकी ताल पर नाच रहे हैं। इधर शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए दोपहर 2 बजे गुवाहाटी के होटल में बैठक बुलाई। बागी विधायक सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई को भी होटल में ही देखेंगे।
जिंदा लाश वाले बयान पर राउत की सफाई : बागी विधायकों को जिंदा लाश वाले बयान पर सफाई दी है। राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जो लोग 40-40 साल तक पार्टी में रहते हैं और फिर भाग जाते हैं, उनका ज़मीर मर गया है, तो उसके बाद क्या बचता है? ज़िंदा लाश। यह राममनोहर लोहिया साहब के शब्द हैं। मैंने किसी की भावना को ठेस पहुंचाने का काम नहीं किया, मैंने सत्य कहा है।

Maharashtra Crisis : मुखपत्र 'सामना' के जरिए शिंदे कैंप पर बरसी शिवसेना, बागियों को कहा 'नचनिया' View Story

Latest Web Story

Latest 20 Post