जानिए, क्‍या है UP के मुरादाबाद गैंगरेप मामले का सच?

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  • Posted on 22nd Sep, 2022 16:52 PM
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उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में पुलिस गैंगरेप के 5 कथित आरोपियों में से एक को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, लेकिन मामला पेचीदा हो गया है, क्योंकि लड़की के पिता ने ऐसी किसी घटना से इनकार करते हुए जेल भेजे गए युवक को निर्दोष बताया है। इसके साथ ही एफआईआर दर्ज कराने वाले अपने बहनोई को ही कठघरे में खड़ा करते हुए अपनी बेटी को मंदबुद्धि करार दिया है। - Know what is the truth of Moradabad gang rape case of Uttar Pradesh id="ram"> हिमा अग्रवाल| पुनः संशोधित गुरुवार, 22 सितम्बर 2022 (22:08 IST) हमें फॉलो करें उत्तर

हिमा अग्रवाल| पुनः संशोधित गुरुवार, 22 सितम्बर 2022 (22:08 IST)
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उत्तर प्रदेश के में पुलिस के 5 कथित आरोपियों में से एक को कर जेल भेज चुकी है, लेकिन मामला पेचीदा हो गया है, क्योंकि लड़की के पिता ने अपनी बेटी के साथ ऐसी किसी घटना होने से इनकार करते हुए जेल भेजे गए युवक को निर्दोष बताया है। इसके साथ ही दर्ज कराने वाले अपने बहनोई को ही कठघरे में खड़ा करते हुए अपनी बेटी को मंदबुद्धि करार दिया है।
घटना 1 सितंबर 2022 को हुई जबकि रिपोर्ट 7 सितंबर को दर्ज हुई। आरोपियों में से एक प्रधान का बेटा भी है। कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से कथित गैंगरेप की घटना का ट्वीट होने के बाद इस मामले में हड़कंप मच गया है। कुछ दिन पहले मुरादाबाद में एक लड़की का इस्लामाबाद की सड़क पर घूमते हुए नग्नावस्था का वीडियो वायरल हुआ था।

इस वायरल वीडियो पर लड़की के फूफा की तरफ से भोजपुर थाने में पांच लोगों के खिलाफ गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने फूफा की शिकायत के आधार पर नामजद एक आरोपी को गिरफ्तार करते हुए न्यायिक हिरासत में जेल भेजते हुए मामले की तफ्तीश शुरू कर दी। गैंगरेप का शिकार कही जाने वाली लड़की के माता-पिता का पुलिस ने 161 और 164 का बयान दर्ज कराया है।

इस मामले पर राजनीतिक रोटियां सेंकना भी शुरू हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने ट्वीट करते हुए इसे शर्मनाक घटना बताया है। वहीं इस प्रकरण पर लड़की के पिता ने गैंगरेप की घटना से साफ इनकार करते हुए कहा कि उनकी बेटी मंदबुद्धि है और अक्सर वह इस तरह की हरकत कर देती है। पारिवारिक विवाद के चलते उनके बहनोई (फूफा) ने उनको और परिवार को बदनाम करने की नीयत से मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं गैंगरेप मामले में नामजद पांचों लोगों को उन्होंने निर्दोष बताया है।

कथित रूप से गैंगरेप पीड़िता के पिता ने अब अपनी बेटी के साथ गैंगरेप की घटना से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने पुलिस से कोई शिकायत नहीं की है, उनकी बेटी मंदबुद्धि है। उनके बहनोई रामअवतार परिवार और उनको बदनाम करना चाहते हैं, वह उनको पागल भी करार कर चुका है, इसलिए उन्होंने बेटी की नग्नावस्था वाली वीडियो वायरल कराकर समाज में बदनामी करते हुए झूठा गैंगरेप का मुकदमा पंजीकृत कराया है। जिससे उनका मानसिक उत्पीड़न हुआ है।

लिहाजा बेटी और परिवार को बदनामी से बचाने के लिए उन्होंने अपने बहनोई (लड़की के फूफा) और 2 अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। तहरीर में बेटी के पिता ने लिखा है कि लड़की के फूफा ने गैंगरेप का आरोप लगाते हुए गांव के 5 लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया है। उनकी मंदबुद्धि बेटी का नग्न वीडियो समाज में वायरल हुआ, जिसके कारण उनकी बेइज्जती हुई है।

पिता द्वारा कराए गए बहनोई और अन्य 2 लोगों के खिलाफ एफआईआर पर पुलिस तफ्तीश में जुट गई है। इस वायरल वीडियो में दिखाई दे रही लड़की के पिता का कहना है कि उनकी बेटी 19 साल की है। बीते एक सितंबर को बेटी गांव में लगने वाले मेले में गई थी, लेकिन वह वापस नहीं लौटी तो चिंता हुई और उसको ढूंढने के लिए दूसरी को भेजा गया।

पिता का कहना है उसकी मंदबुद्धि बेटी ने अपने कपड़े खुद फाड़ लिए, जिसके बाद उसकी दूसरी बेटी उसे घर ले आई। उसकी बेटी के साथ हुए गैंगरेप की एफआईआर थाने में दर्ज हुई है, लेकिन उन्होंने कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई थी, बल्कि उनके बहनोई रामअवतार ने साजिश के चलते यह रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

रेप मामले में पकड़ा गया युवक निर्दोष है। उन्होंने खुलासा करते हुए कहा कि मैंने अपनी बहन को 55 हजार रुपए जमीन बेचकर दिए थे, पैसे वापस न करने पड़े उसके लिए मुझे बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। इस पूरे मामले पर गांव के प्रधान का कहना है कि एक सितंबर को गांव में मेला चल रहा था, सब मेले में बिजी थे। गांव की आपसी रंजिश के चलते लोगों को फंसाया जा रहा है, उनके बेटे का नाम भी लिखाया गया है। उनका बेटा मंदबुद्धि लड़की को जानता भी नहीं। मानसिक रूप से बीमार बच्ची अक्सर ऐसा ही करती रहती है।

गांव के एक शख्स प्रत्यक्षदर्शी बनकर भी सामने आया है। सवाल उठता है कि यदि ऐसा हुआ था तो उसी समय रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं कराई गई? थोड़ी दूरी पर पुलिस पिकेट तैनात थी, सूचना क्यों नहीं दी गई? एक सितंबर की घटना की शिकायत 6 सितंबर को क्यों हुई? सात सितंबर में इस मामले में मुकदमा पंजीकृत हुआ और एक दूसरे सुमदाय के युवक को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया, जबकि अन्य चार नामजद युवकों की पुलिस अभी तलाश ही कर रही है।

इस पूरे मामले में मुरादाबाद पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के मुताबिक दिनांक 7 सितंबर 2022 को थाना भोजपुर क्षेत्रांतर्गत एक लड़की के साथ दुष्कर्म की मिली सूचना पर थाना भोजपुर पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया, जिसमें एक आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है। वहीं आज इस मामले को झूठा करार देते हुए मंदबुद्धि लड़की के पिता ने रिपोर्ट दर्ज करवाने वाले बहनोई को खुद कठघरे में खड़ा कर दिया है।

इस मामले में राजनीति भी शुरू हो गई है, कांग्रेस ने बीजेपी को घेरते हुए ट्वीट किया है कि यूपी के मुरादाबाद में 15 साल की लड़की मेला देखने गई। वहां से कुछ लोग उसे अगवा कर ले गए, गैंगरेप किया और फिर वह लड़की निर्वस्त्र भागते हुए घर पहुंची। वीभत्स घटना है! लेकिन अमित शाह अभी भी कहेंगे कि यूपी में 16 साल की लड़की रात में गहने पहनकर निकल सकती है। शर्म आनी चाहिए!

अब देखना होगा कि पुलिस इस घटना की सत्यता को कब तक सामने ला पाती है, क्योंकि जब परिवार के लोगों में आरोप और प्रत्यारोप का दौर चालू हो गया हो, तो ऐसे में सच को सामने लाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है।

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