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परिवार में इकलौता कमाने वाला था कश्मीरी पंडित राहुल भट्ट, 2010 में विशेष पैकेज के तहत मिली थी नौकरी

जम्मू। मूल रूप से बडगाम के संग्रामपोरा गांव का रहने वाला राहुल भट्ट अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था। शेखपोरा के निवासियों ने कहा कि उनके पिता एक सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी हैं और उनकी पत्नी एक गृहिणी हैं। उन्हें प्रवासी कश्मीरी पंडित समुदाय के लिए प्रधान मंत्री के विशेष पैकेज के तहत 2010 में राजस्व विभाग में नियुक्त किया गया था। - kashmiri pandit Rahul bhatt id="ram"> सुरेश एस डुग्गर| पुनः संशोधित शुक्रवार, 13 मई 2022 (13:10 IST) जम्मू। मूल रूप से

  • Posted on 13th May, 2022 08:10 AM
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परिवार में इकलौता कमाने वाला था कश्मीरी पंडित राहुल भट्ट, 2010 में विशेष पैकेज के तहत मिली थी नौकरी   Image
सुरेश एस डुग्गर| पुनः संशोधित शुक्रवार, 13 मई 2022 (13:10 IST)
जम्मू। मूल रूप से बडगाम के संग्रामपोरा गांव का रहने वाला अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था। शेखपोरा के निवासियों ने कहा कि उनके पिता एक सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी हैं और उनकी पत्नी एक गृहिणी हैं। उन्हें प्रवासी समुदाय के लिए प्रधान मंत्री के विशेष पैकेज के तहत 2010 में राजस्व विभाग में नियुक्त किया गया था।
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शेखपोरा के एक निवासी ने कहा कि वे ज्यादातर सालों में बडगाम में तैनात रहे और लगभग दो साल से चदूरा में थे। राहुल बडगाम के शेखपोरा में रहते थे, जहां सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के लिए हाउसिंग कालोनी बनाई है।

भट्ट की पत्नी दक्षिण कश्मीर की रहने वाली हैं। उनके माता-पिता संग्रामपोरा से चले गए थे और सरकार द्वारा भट्ट की नियुक्ति के बाद ही वे लौटे थे।
वह अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था। इस घटना के बाद कश्मीरी पंडितों में आक्रोश है। याद रहे में प्रवासी कामगारों व स्थानीय अल्पसंख्यकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, ताकि दहशत का माहौल पैदा हो।

पिछले आठ महीनों में कई कश्मीरी पंडितों व प्रवासियों की टारगेट किलिंग के मामले सामने आ चुके हैं।
अनुच्छेद 370 हटने के बाद पांच अगस्त 2019 से अल्पसंख्यक हिंदुओं तथा गैर कश्मीरियों पर हमले की घटनाएं बढ़ गई हैं। लगभग तीन साल में आतंकियों ने कम से कम 14 गैर मुस्लिमों, गैर कश्मीरियों तथा कश्मीरी पंडितों की हत्या कर दी है। इनमें प्रमुख कारोबारी, सरपंच तथा बीडीसी सदस्य शामिल हैं।

जिन कश्मीरी पंडितों की हत्या इस अवधि में की गई है उनमें शोपियां जिले के चित्रागाम में दवा कारोबारी सोनू कुमार, कश्मीरी पंडित दवा कारोबारी एमएल बिंदरू, तथा कश्मीरी पंडित सरपंच अजय पंडित भी शामिल हैं। जबकि एक अन्य कर्मचारी की भी इस अवधि में हत्या कर दी गई।
राहुल भट की हत्या की सर्वत्र निंदा हो रही है।

नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष और सांसद डॉ फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि मैं राहुल भट्ट पर हुए कायरतापूर्ण हमले की स्पष्ट रूप से निंदा करता हूं। ऐसी नृशंस और जघन्य हरकतों का एकमात्र मकसद कश्मीर का माहौल खराब करना है। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि टारगेट किलिंग जारी हैं। उन्होंने कहा कि मैं राहुल भट्ट पर हुए जानलेवा आतंकवादी हमले की स्पष्ट रूप से निंदा करता हूं।
पीडीपी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हत्या कश्मीर में सामान्य स्थिति के झूठे दावों को खारिज करती है। उन्होंने कहा कि उस वीभत्स कृत्य की निंदा करें जहां एक कश्मीरी पंडित लड़के राहुल भट की चदूरा में हत्या कर दी गई थी। एक और जीवन समाप्त हो गया और दूसरा परिवार तबाह हो गया। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदना शोक संतप्त परिवार के साथ है।

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