Home / Articles / देश के अगले CJI होंगे न्यायमूर्ति यूयू ललित, तीन तलाक सहित कई ऐतिहासिक फैसले दिए

देश के अगले CJI होंगे न्यायमूर्ति यूयू ललित, तीन तलाक सहित कई ऐतिहासिक फैसले दिए

देश के अगले CJI होंगे न्यायमूर्ति यूयू ललित, तीन तलाक सहित कई ऐतिहासिक फैसले दिए   Image
  • Posted on 04th Aug, 2022 07:36 AM
  • 1136 Views

नई दिल्ली। भारत के अगले प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) बनने की कतार में शामिल उच्चतम न्यायालय के दूसरे वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति यूयू ललित मुसलमानों में 'तीन तलाक' की प्रथा को अवैध ठहराने समेत कई ऐतिहासिक फैसलों का हिस्सा रहे हैं। - Justice UU Lalit to be the next CJI of the country id="ram"> Last Updated: गुरुवार, 4 अगस्त 2022 (12:46 IST) हमें फॉलो करें नई दिल्ली। भारत के अगले प्रधान

Last Updated: गुरुवार, 4 अगस्त 2022 (12:46 IST)
हमें फॉलो करें
नई दिल्ली। भारत के अगले प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) बनने की कतार में शामिल उच्चतम न्यायालय के दूसरे वरिष्ठतम न्यायाधीश मुसलमानों में 'तीन तलाक' की प्रथा को अवैध ठहराने समेत कई ऐतिहासिक फैसलों का हिस्सा रहे हैं।

अगर वे अगले प्रधान न्यायाधीश नियुक्त होते हैं तो वह ऐसे दूसरे प्रधान न्यायाधीश होंगे जिन्हें बार से सीधे शीर्ष अदालत की पीठ में पदोन्नत किया गया। उनसे पहले न्यायमूर्ति एसएम सीकरी मार्च 1964 में शीर्ष अदालत की पीठ में सीधे पदोन्नत होने वाले पहले वकील थे। वे जनवरी 1971 में 13वें बने थे।

न्यायमूर्ति ललित मौजूदा प्रधान न्यायाधीश के सेवानिवृत्त होने के 1 दिन बाद 27 अगस्त को भारत के 49वें सीजेआई बनने के लिए कतार में हैं। न्यायमूर्ति ललित को 13 अगस्त 2014 को उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। तब वे जाने-माने वकील थे।
न्यायमूर्ति ललित तब से शीर्ष अदालत के कई ऐतिहासिक निर्णयों का हिस्सा रहे हैं। 5 न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने अगस्त 2017 में 3-2 के बहुमत से 'तीन तलाक' को असंवैधानिक घोषित कर दिया था। उन 3न्यायाधीशों में न्यायमूर्ति ललित भी थे।

न्यायमूर्ति यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून के तहत एक मामले में बंबई उच्च न्यायालय के 'त्वचा से त्वचा के संपर्क' संबंधी विवादित फैसले को खारिज कर दिया था। शीर्ष अदालत ने कहा था कि यौन हमले का सबसे महत्वपूर्ण घटक यौन मंशा है, बच्चों की त्वचा से त्वचा का संपर्क नहीं।
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में न्यायमूर्ति ललित की अगुवाई वाली पीठ ने कहा था कि त्रावणकोर के पूर्व शाही परिवार के पास केरल में ऐतिहासिक श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के प्रबंधन का अधिकार है। 9 नवंबर 1957 को जन्मे न्यायमूर्ति ललित ने जून 1983 में एक वकील के रूप में पंजीकरण कराया था और दिसंबर 1985 तक बंबई उच्च न्यायालय में वकालत की थी।

वे जनवरी 1986 में दिल्ली आकर वकालत करने लगे और अप्रैल 2004 में उन्हें शीर्ष अदालत द्वारा एक वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया। आवंटन मामले में सुनवाई के लिए उन्हें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया था।(भाषा)

देश के अगले CJI होंगे न्यायमूर्ति यूयू ललित, तीन तलाक सहित कई ऐतिहासिक फैसले दिए View Story

Latest 20 Post