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रामनगरी अयोध्या में इस बार आसान नहीं है भाजपा की राह

अयोध्या। भाजपा ने अयोध्‍या जनपद कि पांचों विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों कि घोषणा कर दीं है। भगवा पार्टी ने वर्तमान विधायकों पर ही भरोसा जताया है। इस बार पार्टी ने या तो वर्तमान विधायकों पर दांव लगाया है या फिर उनकी पत्नी और या बेटे को टिकट दिया है। हालांकि इस बार भाजपा की राह आसान दिखाई नहीं दे रही है। id="ram"> संदीप श्रीवास्तव| पुनः संशोधित शुक्रवार, 28 जनवरी 2022 (22:23 IST) अयोध्या। भाजपा

  • Posted on 28th Jan, 2022 17:45 PM
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Author संदीप श्रीवास्तव| पुनः संशोधित शुक्रवार, 28 जनवरी 2022 (22:23 IST)
अयोध्या। भाजपा ने अयोध्‍या जनपद कि पांचों विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों कि घोषणा कर दीं है। भगवा पार्टी ने वर्तमान विधायकों पर ही भरोसा जताया है। इस बार पार्टी ने या तो वर्तमान विधायकों पर दांव लगाया है या फिर उनकी पत्नी और या बेटे को टिकट दिया है। हालांकि इस बार भाजपा की राह आसान दिखाई नहीं दे रही है।


अयोध्या जनपद कि सभी पांचों सीटों ने भाजपा और सपा ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। हालांकि बसपा ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। भाजपा की बात करें तो अयोध्या विधानसभा से कुछ समय पहले बड़ी तेजी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चुनाव लड़ने की बात चल रही थी, लेकिन ऐन वक्त पर योगी को गोरखपुर सीट से उतार दिया गया। इससे अयोध्या के जनमानस व साधु-संतों में मायूसी जरूर देखी जा रही है।
माना जा रहा है कि अयोध्या विधानसभा क्षेत्र अगर योगी को प्रत्याशी बनाया जाता तो उसका व्यापक असर अयोध्या जनपद कि पांचों विधानसभा सीटों के साथ ही आसपास के जनपद अंबेडकर नगर, गोंडा, बस्ती व बाराबंकी और सुल्तानपुर जनपदों सीटों पर भी पड़ता, लेकिन अब सभी जनपदों में भाजपा को कड़े संघर्ष का सामना करना पड़ सकता है।
अयोध्या जनपद कि पांचों विधानसभा सीटों पर अगर भाजपा स्थिति का जायजा लें तो भाजपा कि स्थिति बहुत अच्छी नहीं दिख रही है। इसका सबसे बड़ा कारण है जनप्रतिनिधियों का अपने विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के प्रति उदासीन रहना। रुदौली विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यही सीट हैं, जहां भाजपा कि स्थिति सबसे मजबूत दिख रही है। इस विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक रामचंद्र यादव ने अपने क्षेत्र में न सिर्फ काम किया बल्कि मतदाताओं के भी वे लगातार संपर्क में रहे। हालांकि मुस्लिम बहुल क्षेत्र होने के कारण भाजपा को यहां भी कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ेगा।

रिजर्व सीट मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक हैं बाबा गोरखनाथ। हालांकि भाजपा ने एक बार फिर इन पर भरोसा जताया है, लेकिन माना जा रहा है कि ये अपने क्षेत्र की जनता के विश्वास पर खरे नहीं उतरे। ऐसे में माना जा रहा है कि इनकी राह आसान नहीं होगी।

बीकापुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक शोभा सिंह की छवि ठीक है। इन्होंने क्षेत्र में काम भी किया है, लेकिन इस बार इनके प्रतिनिधि रहे इनके बेटे डॉ. अमित सिंह को पार्टी ने टिकट दिया है। अमित जनता के संपर्क में रहे हैं, लेकिन यहां इनका मुकाबला समाजवादी पार्टी से है।

गोसाईंगंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा गठबंधन की पार्टी अपना दल से विधायक रहे बाहुबली इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ़ खब्बू जो कि पिछले चुनाव में काफी कम अंतर से जीते थे। इस बार चूंकि तिवारी जेल में हैं। अत: भाजपा ने उनकी पत्नी आरती तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। यहां आरती का मुकाबला सपा के बाहुबली और पूर्व विधायक अभय सिंह से है। ऐसे में आरती की राहत आसान नहीं दिख रही है।

अयोध्या विधानसभा सीट पर भाजपा ने एक बार फिर वेद प्रकाश गुप्ता को उम्मीदवार बनाया। माना जा रहा है कि गुप्ता से उनके क्षेत्र कि जनता बहुत खुश नहीं हैं। गुप्ता का सीधा मुकाबला समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक व मंत्री रहे तेजनरायण पांडेय से है। हालांकि चुनाव परिणाम क्या होगा यह तो 10 मार्च को ही पता चलेगा, लेकिन इस बार मुकाबला कड़ा रहेगा।

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