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ED ने राहुल गांधी से 5 दिन में 54 घंटे की पूछताछ, अब सोनिया की बारी

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ‘नेशनल हेराल्ड’ अखबार से जुड़े धन शोधन मामले में 5वें दिन मंगलवार को पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से 11 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। राहुल गांधी से 5 दिनों में अब तक 54 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ हो चुकी है, जिस दौरान धन शोधन रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत उनके बयान दर्ज किए गए। ED ने 23 जून को सोनिया गांधी को पूछताछ के लिए बुलाया है। - ED 54 hours questioning with rahul gandhi id="ram"> पुनः संशोधित बुधवार, 22 जून 2022 (07:38 IST) हमें फॉलो करें नई दिल्ली। प्रवर्तन

  • Posted on 22nd Jun, 2022 02:36 AM
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पुनः संशोधित बुधवार, 22 जून 2022 (07:38 IST)
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नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ‘नेशनल हेराल्ड’ अखबार से जुड़े धन शोधन मामले में 5वें दिन मंगलवार को पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से 11 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। राहुल गांधी से 5 दिनों में अब तक 54 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ हो चुकी है, जिस दौरान धन शोधन रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत उनके बयान दर्ज किए गए। ने 23 जून को सोनिया गांधी को पूछताछ के लिए बुलाया है।

जांच एजेंसी ने गांधी को कोई ताजा समन जारी नहीं किया है और यह माना जा रहा है कि उनसे पूछताछ कम से कम फिलहाल के लिए समाप्त हो गई है।

राहुल गांधी ने 10 घंटे से अधिक समय की पूछताछ के बाद रात लगभग आठ बजे आधे घंटे का ब्रेक लिया और पूछताछ में फिर से शामिल हुए, जिसके बाद वह रात 11:30 बजे ईडी कार्यालय से निकले।

राहुल गांधी सीआरपीएफ जवानों की जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा के साथ सुबह 11 बजकर करीब 15 मिनट पर मध्य दिल्ली में एपीजे अब्दुल कलाम रोड स्थित ईडी मुख्यालय पहुंचे और उनसे 11 बजकर 30 मिनट पर पूछताछ शुरू हुई थी।
गांधी से पिछले सप्ताह सोमवार, मंगलवार और बुधवार को लगातार तीन दिन पूछताछ की गई थी। इसके बाद वह इस सप्ताह सोमवार को पेश हुए, जिस दौरान 12 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई।

समझा जाता है कि अब तक की पूछताछ में राहुल गांधी से ‘यंग इंडियन’ की स्थापना, ‘नेशनल हेराल्ड’ के संचालन और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को कांग्रेस द्वारा दिए गए कर्ज तथा मीडिया संस्थान के भीतर धन के हस्तांतरण से जुड़े सवाल पूछे गए गए हैं।
‘यंग इंडियन’ के प्रवर्तकों और शेयरधारकों में सोनिया गांधी तथा राहुल गांधी सहित कांग्रेस के कुछ अन्य नेता शामिल हैं।

समझा जाता है कि गांधी अपने इस रुख पर अड़े रहे कि स्वयं या उनके परिवार द्वारा संपत्ति का कोई व्यक्तिगत अधिग्रहण नहीं किया गया था क्योंकि यंग इंडियन एक 'गैर-लाभकारी' कंपनी थी और इसके बावजूद कि वह बहुमत शेयरधारक हैं, नेशनल हेराल्ड अखबार को फिर से बहाल करने के लिए कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा सामूहिक रूप से विभिन्न वित्तीय निर्णय लिए गए थे।
ईडी, सूत्रों ने संकेत दिया, एजेंसी यह समझना चाहती थी कि कांग्रेस पार्टी द्वारा एजेएल को ऋण कैसे दिया गया था और क्या इस एजेएल-कांग्रेस-यंग इंडियन सौदे में कंपनी अधिनियम और धनशोधन कानून के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया था।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी ईडी ने इसी मामले में 23 जून को तलब किया है। कोविड-19 से जुड़़ी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते सोनिया को हाल ही में दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से उन्हें सोमवार की शाम छुट्टी मिली। कांग्रेस का कहना है कि चिकित्सकों ने उन्हें घर पर आराम करने की सलाह दी है।
कांग्रेस ने ईडी की कार्रवाई को भाजपा नीत केंद्र सरकार की विपक्षी नेताओं के खिलाफ बदले की राजनीति करार दिया है।

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