कोरोना से संक्रमित कर्मचारियों के कार्यालय आने पर लगी रोक, सभापति नायडू ने दिए ये निर्देश...

कोरोना से संक्रमित कर्मचारियों के कार्यालय आने पर लगी रोक, सभापति नायडू ने दिए ये निर्देश...   Image

नई दिल्ली। लोकसभा और राज्यसभा सचिवालयों और संबद्ध सेवाओं से जुड़े करीब 400 कर्मचारी पिछले कुछ दिनों में कोरोनावायरस (Coronavirus) कोविड-19 से संक्रमित पाए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप कर्मचारियों को कार्यालय आने से रोक दिया गया है। राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने स्थिति की समीक्षा की और निर्देश दिया कि बजट सत्र से पहले सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच वायरस के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक उपाय किए जाएं। id="ram"> Last Updated: बुधवार, 12 जनवरी 2022 (20:29 IST) नई दिल्ली। लोकसभा और राज्यसभा सचिवालयों और

Last Updated: बुधवार, 12 जनवरी 2022 (20:29 IST)
नई दिल्ली। लोकसभा और राज्यसभा सचिवालयों और संबद्ध सेवाओं से जुड़े करीब 400 कर्मचारी पिछले कुछ दिनों में कोरोनावायरस (Coronavirus) से संक्रमित पाए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप कर्मचारियों को कार्यालय आने से रोक दिया गया है। राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने स्थिति की समीक्षा की और निर्देश दिया कि बजट सत्र से पहले सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच वायरस के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक उपाय किए जाएं।
सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा सचिवालय के 65 कर्मचारी, लोकसभा सचिवालय के 200 और संबद्ध सेवाओं के 133 कर्मचारी गत चार जनवरी से आठ जनवरी के बीच नियमित कोविड जांच में संक्रमित पाए गए हैं। यह घटनाक्रम के बजट सत्र से कुछ दिन पहले सामने आया है। बजट सत्र आमतौर पर जनवरी के अंत में शुरू होता है।

कर्मचारियों में कोरोना के मामलों में वृद्धि के बाद राज्यसभा सचिवालय ने अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति पर प्रतिबंध लगा दिया है। नवीनतम निर्देशों के अनुसार, अवर सचिव या कार्यकारी अधिकारी के पद से नीचे के 50 प्रतिशत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए इस महीने के अंत तक घर से काम करना अनिवार्य किया गया है। यह संख्या कुल कर्मचारियों का लगभग 65 प्रतिशत है।

राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने स्थिति की समीक्षा की और निर्देश दिया कि बजट सत्र से पहले सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच वायरस के प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक उपाय किए जाएं।

विकलांग और गर्भवती महिलाओं को कार्यालय में आने से छूट है। भीड़भाड़ से बचने के लिए सचिवालय के शुरू और बंद होने का समय अलग-अलग कर दिया गया है। सभी आधिकारिक बैठकें डिजिटल माध्यम से होंगी। नायडू ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की कोरोनावायरस की जांच की जाए और संक्रमितों के ठीक होने के बाद भी कड़ी निगरानी रखी जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने और इलाज में मदद की जाए।

लोकसभा सचिवालय ने हाल के एक सर्कुलर में कहा कि अवर सचिव स्तर से नीचे के 50 प्रतिशत अधिकारी अपने संबंधित निदेशकों द्वारा तय किए गए रोटेशन के अनुसार कार्यालय में उपस्थित होंगे।

किसी विशेष दिन पर कार्यालय आने वाले सभी कर्मचारियों के आने के समय को सुबह 10 बजे से 10:30 बजे के बीच भिन्न-भिन्न कर दिया गया है और इसी के अनुरूप वे कार्यालय से अलग-अलग समय पर बाहर जाएंगे, ताकि लिफ्ट और गलियारों में भीड़भाड़ कम हो।(भाषा)

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