Home / Articles / शहीद भगत सिंह के वो 7 शेर, जिन्हें सुनकर खून में रवानी महसूस होने लगेगी

शहीद भगत सिंह के वो 7 शेर, जिन्हें सुनकर खून में रवानी महसूस होने लगेगी

जीते जी क्रांति करने वाले भगत सिंह के लिखे हुए शेर उनके बाद भी क्रांति पैदा करने की ताकत रखते हैं। देश के प्रति उनका प्रेम, दीवानगी और मर मिटने का भाव, उनकी शेर और कविताओं में साफ नजर आता है, एक बार पढ़ेंगे तो खून में देशभक्‍ति महसूस होने लगेगी। id="ram"> Last Updated: मंगलवार, 23 मार्च 2021 (12:32 IST) आज 23 मार्च को शहीद दिवस है। यही वो दिन है, जब देश

  • Posted on 04th Sep, 2021 09:33 AM
  • 1224 Views
शहीद भगत सिंह के वो 7 शेर, जिन्हें सुनकर खून में रवानी महसूस होने लगेगी   Image
Last Updated: मंगलवार, 23 मार्च 2021 (12:32 IST)
आज 23 मार्च को शहीद दिवस है। यही वो दिन है, जब देश की मिट्टी को अपनी मां कहने वाले भगत सिंह ने हंसते हुए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया था। क्‍या उम्र रही होगी भगत सिंह की, लेकिन जिस शि‍द्दत से उन्‍होंने देशभक्‍ति की वह अब तक मिसाल बनी हुई है। लेकिन जाते जाते भी वे जो लिख गए वो कुछ ऐसा है कि उसे सुनकर भी कोई देश के लिए बलिदान देने को तैयार हो जाए।

जीते जी क्रांति करने वाले भगत सिंह के लिखे हुए शेर उनके बाद भी क्रांति पैदा करने की ताकत रखते हैं। देश के प्रति उनका प्रेम, दीवानगी और मर मिटने का भाव, उनकी शेर और कविताओं में साफ नजर आता है, एक बार पढ़ेंगे तो खून में देशभक्‍ति महसूस होने लगेगी। पढ़ें भगत सिंह के वतन पर लिखे यह 7 शेर-

सीनें में जुनूं, आंखों में देशभक्ति की चमक रखता हूं
दुश्मन की सांसें थम जाए, आवाज में वो धमक रखता हूं

---

लिख रहा हूं मैं अंजाम, जिसका कल आगाज आएगा
मेरे लहू का हर एक कतरा,
इंकलाब लाएगा
मैं रहूं या न रहूं पर, ये वादा है मेरा तुझसे
मेरे बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आएगा
---

मुझे तन चाहिए, ना धन चाहिए
बस अमन से भरा यह वतन चाहिए
जब तक जिंदा रहूं, इस मातृ-भूमि के लिए
और जब मरूं तो तिरंगा ही कफन चाहिए
---

कभी वतन के लिए सोच के देख लेना,
कभी मां के चरण चूम के देख लेना,
कितना मजा आता है मरने में यारों,
कभी मुल्क के लिए मर के देख लेना,
---

हम अपने खून से लिक्खें कहानी ऐ वतन मेरे
करें कुर्बान हंस कर ये जवानी ऐ वतन मेरे
---

मैं भारतवर्ष का हरदम अमिट सम्मान करता हूं
यहां की चांदनी, मिट्टी का ही गुणगान करता हूं
मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की
तिरंगा हो कफन मेरा, बस यही अरमान रखता हूं

---
जमाने भर में मिलते हैं आशिक कई,
मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता,
नोटों में भी लिपट कर,
सोने में सिमटकर मरे हैं शासक कई,
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफन नहीं होता
---

Latest Web Story

Latest 20 Post