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हर 3 में से 2 भारतीय करते हैं नियमित रूप से अपने घरों की साफ-सफाई, सर्वेक्षण में हुआ खुलासा...

नई दिल्ली। एक वैश्विक सर्वेक्षण में यह पाया गया है कि हर 3 में से 2 भारतीय सप्ताह में पांच-सात बार अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं। यह वैश्विक सर्वेक्षण 30 हजार से अधिक लोगों पर किया गया। - 2 out of 3 Indians regularly clean their homes, survey revealed id="ram"> पुनः संशोधित गुरुवार, 19 मई 2022 (20:28 IST) नई दिल्ली। एक वैश्विक सर्वेक्षण में यह

  • Posted on 19th May, 2022 15:35 PM
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पुनः संशोधित गुरुवार, 19 मई 2022 (20:28 IST)
नई दिल्ली। एक में यह पाया गया है कि हर 3 में से 2 भारतीय सप्ताह में पांच-सात बार अपने घरों की करते हैं। यह वैश्विक सर्वेक्षण 30 हजार से अधिक लोगों पर किया गया।
प्रौद्योगिकी कंपनी डायसन के शोधकर्ताओं ने अध्ययन में पाया कि 46 प्रतिशत भारतीयों ने अपने घरों की साफ-सफाई काफी बढ़ाई है, जो सर्वेक्षण में शामिल किए गए दक्षिण पूर्वी एशिया के देशों से कहीं अधिक है।

सर्वेक्षण के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर 95 प्रतिशत लोग ज्यादा नहीं तो, उतनी ही सफाई कर रहे हैं जो उन्होंने कोरोनावायरस (Coronavirus) कोविड-19 महामारी को लेकर पैदा हुई चिंताओं के चलते पिछले साल की थी।

शोधकर्ताओं ने कहा कि हालांकि शेष विश्व से तुलना किए जाने पर भारतीय कम प्रतिक्रियाशील हैं क्योंकि हर तीन में से महज एक व्यक्ति अपने घर के फर्श पर धूल देखकर उसे साफ करने को प्रेरित हुए, जबकि वैश्विक औसत 40 प्रतिशत है।

डायसन में माइक्रोबायोलॉजी की शोध वैज्ञानिक मोनिका स्टुस्जेन ने कहा, यदि लोग तभी सफाई करते हैं जब वे फर्श पर धूल देखते हैं तो यह चिंता का विषय है क्योंकि कई धूलकण सूक्ष्म आकार के होते हैं।

उन्होंने एक बयान में कहा, असल में, जब लोग धर में धूल जमा देखते हैं, तब इस बात की अत्यधिक संभावना होती है कि आपके घर में धूल में कीट पैदा हो गए हों। ‘डायसन ग्लोबल डस्ट स्टडी 2022’ 15 मिनअ का ऑनलाइन सर्वेक्षण था, जिसमें भारत सहित 33 देशों से लोगों को शामिल किया गया। भारत से 1019 लोगों को शामिल किया गया।

मुंबई स्थित पीडी हिंदुजा नेशनल इंस्टीट्यूट हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर के फेफड़ा रोग कंसल्टेंट डॉ. लांसलोट पिंटो ने कहा, भारत में हम बार-बार सफाई करते हैं लेकिन सफाई के पारंपरिक तरीके से शायद अच्छी सफाई नहीं हो सकती है।

सर्वेक्षण में यह भी पाया गया है कि 29 प्रतिशत भारतीय यह जानकर चकित हैं कि त्वचा से अलग होने वाली परतें घरेलू धूल में शामिल हैं और 22 प्रतिशत इस बात से अनजान हैं कि घरेलू धूल में वायरस होते हैं।(भाषा)

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